Hi Friends,

Even as I launch this today ( my 80th Birthday ), I realize that there is yet so much to say and do.

There is just no time to look back, no time to wonder,"Will anyone read these pages?"

With regards,
Hemen Parekh
27 June 2013

Thursday, 19 January 2017

क्या तुमने कभी चाहा ?

मेरे जाने के बाद 
करेगा कोई मुझे याद  ?

ये तो हुई 
बेकार की बात  !

क्या तुमने कभी चाहा  
लेकर तुम्हारा नाम,
ज़माने में कभी 
हो भी जाये 
कोई बदनाम ?

मेरे लिए तो 
यही बची है 
काम की बात  !

------------------------------------------------------------------------

20  Jan  2017




Wednesday, 18 January 2017

चाहत को कैसे छिपाऊँ ?

एक उम्र की आहत को 
छिपाये चला हूं ;

चाहत को 
कैसे छिपाऊँ  ?

चार बिस और चार के 
चौराहे पर ,
अब न लेना 
कोई मोड़ है ,

न अफसानो की  
कोई होड़ है  ;

सुबह होने से पहले 
शाम ढल जाती है ,

फिर रात में ,

तुमसे अधूरी बात में 
सुबह हो जाती है  :

ज़रूर 
फांसला कुछ कम  होता चला है ,

शायद 
इसी आश में, 
गम भी 
कुछ कम सताता है  !

------------------------------------------

19  Jan  2017








Thursday, 12 January 2017

गिला तक़दीर से है

जानती हो  ?
मैं दीवाना बन पाता ,
तुम्हारे एक लब्ज़ की कमी थी  !

जिस दिन मिले पहेली बार 
तुम्हारे गांव की गली में ,
क्यों न कह पायी ,
" मुझे है तुमसे प्यार "  ?

बिना सूने 
मैं भी कैसे कह पाता ,
"  हाँ , अब तुमी हो 
    दिल की यार  "

गिला तक़दीर से है ,
एक दिन की ही तो बात थी 
सयाने से दीवाना 
क्यों न किया  ?

----------------------------------------------------------

13  Jan  2017

www.hemenparekh.in / Poems ( Hindi )


Sunday, 1 January 2017

बहारे तो बहुत आयी

मुझे याद है 
उम्र की तवारिख में लिखा वो दिन 
ग्रीष्म का वो पहला पहला दिन ,
जब मैं 
दिल में विरानो लेकर 
तेरे घर पहुंचा ,


तब तू 
बहार  बन के 
आँखों से उतरके 
दिल में छा गयी ;


आज भी 
तुम्हे देखना चाहता हूँ 
तो आयने के सामने जाके 
खड़ा हो जाता हूँ ;


ख़ुद अपनी ही आँखों में 
जांखता हूँ  !

ग्रीष्म के उस दिन से लेकर ,
बहारे तो बहुत आयी 
बादलो भी बहुत बरसे,


मगर 
मेरी पुरानी  आँखों में
बसी है जो ,


वो तो आज भी 
बिस साल से 
कुछ कम ही है  !

---------------------------------------------------------------------------------

02  Jan  2016

www.hemenparekh.in / Poems ( Hindi )